धर्म और भय
Posted on November 19, 2007 by परमजीत बाली
आज धर्म का अर्थ बदल चुका है। कल तक जो सम्प्रदाय थे उन्हें आज हिन्दू,मुसलिम,सिख,जैन,पारसी और भी ना मालूम कितनें होगें,उन सभी को हमने अपना-अपना धर्म कहना शुरू कर दिया है। आज वह हिन्दू धर्म,सिख धर्म आदि बन चुके हैं। जबकी ये धर्म नही एक मान्यता है। धर्म एक अलग गुण विशेष का नाम है [...]
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