जानों तो सच मानों तो झूठ
Posted on May 31, 2007 by परमजीत बाली
कुछ बातें ऐसी होती है कि इंसान महसूस तो कर सकता है।लेकिन जब वही बातें दूसरों के सामने रखता है तो वह उन बातों को साबित करने में असमर्थ हो जाता हैं ऐसे में अक्सर सामने वाला बात बोलने वाले को झूठा माननें को मजबूर हो जाता है। ऐसे मे बोलने वाला वाचक, अपने अनुभव [...]
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